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चंबा से मणिमहेश को चटपट नाथ छड़ी निकली, 22 दोपहर को होगा शाही स्नान शुरू

चंबा से मणिमहेश को चटपट नाथ छड़ी निकली। हिमाचल देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां की धार्मिक परंपराएं यहां के लोगों में धार्मिक आस्था का केंद्र भी हैं तथा इस सूची में चरपट नाथ की छड़ी का भी विशेष महत्व है।


चंबा,( विनोद ): सोमवार शाम को चंबा से मणिमहेश को चटपट नाथ छड़ी रवाना हुई जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यह छड़ी चंबा नगर के बीचों-बीच मौजूद मोहल्ला चटपट के चटपट नाथ मंदिर से हर वर्ष मणिमहेश के लिए धूमधाम से निकलती है।

 

यह छड़ी यात्रा वर्षों से चली आ रही है और ऐसा कहा जाता है कि राजऋषि चरपट के साथ इसका संबंध है। चटपट छड़ी यात्रा अपने पहले पड़ाव के लिए चंबा से निकली और इस मौके पर जहां-जहां से यह गुजरी लोगों ने इसकी पूजा अर्चना की। हिमाचल देवभूमि के नाम से जाना जाता है। यहां कई ऐसी देव परंपराएं मौजूद हैं जो हमारी आस्था से जुड़ी हुई है।

 

ये भी पढ़ें: चंबा से मणिमहेश को दशनाम की छड़ी धूमधाम से निकली।

 

मणिमहेश यात्रा और छड़ी यात्रा भी इसमें शामिल है। गौरतलब है कि शनिवार को चंबा के दशनाम जूना अखाड़ा से साधु संतों की अगुवाई में धूमधाम से मणिमहेश यात्रा पर निकली तो सोमवार को राज ऋषि चरपट नाथ की छड़ी मणिमहेश के लिए रवाना हुई। अबकी बार मणिमहेश का बड़ा स्नान 22 सितंबर की दोपहर बाद शुरू होगा जो कि अगले दिन यानी 23 सितंबर तक चलेगा। जैसे-जैसे यह दिन नजदीक आ रहा है मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ौतरी दर्ज हो रही है।

 

ये भी पढ़ें: मणिमहेश यात्रा पर भारी संख्या में पहुंचने लगे श्रद्धालु।
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VINOD KUMAR

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चंबा से मणिमहेश को चटपट नाथ छड़ी निकली, 22 दोपहर को होगा शाही स्नान शुरू

Update Time : 11:15:02 pm, Monday, 18 September 2023

चंबा से मणिमहेश को चटपट नाथ छड़ी निकली। हिमाचल देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां की धार्मिक परंपराएं यहां के लोगों में धार्मिक आस्था का केंद्र भी हैं तथा इस सूची में चरपट नाथ की छड़ी का भी विशेष महत्व है।


चंबा,( विनोद ): सोमवार शाम को चंबा से मणिमहेश को चटपट नाथ छड़ी रवाना हुई जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यह छड़ी चंबा नगर के बीचों-बीच मौजूद मोहल्ला चटपट के चटपट नाथ मंदिर से हर वर्ष मणिमहेश के लिए धूमधाम से निकलती है।

 

यह छड़ी यात्रा वर्षों से चली आ रही है और ऐसा कहा जाता है कि राजऋषि चरपट के साथ इसका संबंध है। चटपट छड़ी यात्रा अपने पहले पड़ाव के लिए चंबा से निकली और इस मौके पर जहां-जहां से यह गुजरी लोगों ने इसकी पूजा अर्चना की। हिमाचल देवभूमि के नाम से जाना जाता है। यहां कई ऐसी देव परंपराएं मौजूद हैं जो हमारी आस्था से जुड़ी हुई है।

 

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मणिमहेश यात्रा और छड़ी यात्रा भी इसमें शामिल है। गौरतलब है कि शनिवार को चंबा के दशनाम जूना अखाड़ा से साधु संतों की अगुवाई में धूमधाम से मणिमहेश यात्रा पर निकली तो सोमवार को राज ऋषि चरपट नाथ की छड़ी मणिमहेश के लिए रवाना हुई। अबकी बार मणिमहेश का बड़ा स्नान 22 सितंबर की दोपहर बाद शुरू होगा जो कि अगले दिन यानी 23 सितंबर तक चलेगा। जैसे-जैसे यह दिन नजदीक आ रहा है मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ौतरी दर्ज हो रही है।

 

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