PRASHAD Scheme : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत अनेक नई विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और विकास होगा बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं व सैलानियों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी।
चंबा, ( विनोद ) : डल्हौजी विधायक डी.एस.ठाकुर ने इस बारे जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार के आदेश पर चंबा जिला प्रशासन ने प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए है। इसी के चलते बुधवार को डीसी चंबा की अगुवाई में जिला मुख्यालय चंबा में एक बैठक आयोजित हुई। जल्द ही इसके सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे।

डीएस ठाकुर ने बताया कि प्रसाद योजना, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों (Religious Tourism) का योजनाबद्ध तरीके से विकास करना है ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हों। चंबा, डलहौजी और भरमौर क्षेत्र से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं जिन्हें शीघ्र ही मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

ये कार्य होंगे: ठाकुर
इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रास्तों

के सुधार, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और स्वच्छता से संबंधित कार्य शामिल होंगे। डलहौजी के विधायक डी.एस. ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर उड़ान योजना के माध्यम से प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रसाद योजना जैसे कार्यक्रमों से धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को नई पहचान मिल रही है।

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पर्यटन क्षमता का पूरी तरह से दोहन नहीं हुआ: विधायक
विधायक ठाकुर ने यह भी कहा कि चंबा जिला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध है, लेकिन अब तक पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में इसकी पर्यटन क्षमता का पूरी तरह से दोहन नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार की इस पहल से जहां एक ओर धार्मिक पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

डल्हौजी विधायक डी.एस.ठाकुर ने कहा कि कुल मिलाकर, प्रसाद योजना चंबा जिले के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। चंबा, डलहौजी और भरमौर जैसे क्षेत्रों को इस योजना से विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे ये क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
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