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पठानकोट-चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर चट्टानें गिरी, पुल टूटा, 29 पंचायतों के लोग परेशान

भरमौर, ( ठाकुर ): शनिवार रात को पठानकोट-चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर चट्टानें गिरी जिस कारण लूणा पुल टूट गया। इस पुल के टूटने से जिला मुख्यालय चंबा से भरमौर कटा जिस कारण इसके दायरे में आने वाली 29 पंचायतों के लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ेगी। ऐसे में सरकार क्षेत्र के लोगों को इस परेशानी से राहत पहुंचाने के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए।

 

 

जानकारी के अनुसार शनिवार की आधी रात करीब ढाई बजे पुल के समीप मौजूद पहाड़ का एक हिस्सा दरका जिस कारण पुल पर चट्टानें गिरी। इन चट्टानों की चपेट में आकर कंकरीट से बना पुल टूट गया। इस पुल के टूटने से उपमंडल भरमौर जिला मुख्यालय चंबा सहित शेष विश्व से सड़क सुविधा के दृष्टिगत कट गया है। इस स्थिति के चलते भरमौर और होली क्षेत्र के लोगों को अब लूणा से आगे जाने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं होने की वजह से परेशानी के दौर से गुजरना पड़े।
रावी नदी के बीच से गुजरते लोग

 

ये भी पढ़ें: चंबा के होली का पुल टूटा।

 

 

रविवार सुबह अपने जरूरी कार्यों के लिए चंबा जिला का रुख करके लूणा पहुंचे लोगों ने पुल टूटा हुआ पाया तो रावी के बीच से गुजर गए। जोकि जान को खतरे में डालने के समान था। इस पुल के टूटने के बाद पैदा हुई विकट स्थिति से भरमौर वासियों को तभी राहत मिलेगी जब इस स्थान पर नए पुल का निर्माण होगा। क्योंकि इस स्थान पर वैकल्पिक मार्ग बनाने की संभावनाएं बेहद कम है।

 

ये भी पढ़ें: मुख्यमंत्री की इस हरकत ने दिल जीता।

 

लोग इसी तरह से रावी नदी के बीच से होकर गुजरने का खतरा मोल लेंगे तो उन्हें कभी भी इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। रावी नदी पर चमेरा जल विद्युत परियोजनाएं मौजूद हैं जिस वजह से अक्सर रावी में चमेरा बांध से पानी छोड़ा जाता है। लोग इस प्रकार की हरकतों को अंजाम ना दें इसके लिए प्रशासन को भी उचित कदम उठाने होंगे। लूना पुल के महत्व की बात करें तो यह पुल हिमाचल प्रदेश के जनजातीय उपमंडल भरमौर के दायरे में आने वाली 29 पंचायतों को जिला मुख्यालय के साथ जोड़ता है। ये भी पढ़ें: भाई के घर मौत का गले लगाया।
लोगों का कहना है कि यह घटना अगर दोपहर के समय घटती तो एक अप्रिय दुर्घटना का रूप धारण कर लेती। क्योंकि चंबा-भरमौर के बीच हरदिन दौड़ने वाले हजारों छोटे-बड़े वाहन इसी पुल पर से होकर गुजरते थे। पठानकोट-चंबा-भरमौर NH पर लैंडस्लाइड अक्सर होता रहता है जिसकी चपेट में आकर कई लोगों की जानें गई हैं।
ये भी पढ़ें: भालुओं का झुंड देख सहमे लोग, ऐसे भगाए।
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VINOD KUMAR

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पठानकोट-चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर चट्टानें गिरी, पुल टूटा, 29 पंचायतों के लोग परेशान

Update Time : 03:28:09 pm, Sunday, 5 February 2023
भरमौर, ( ठाकुर ): शनिवार रात को पठानकोट-चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर चट्टानें गिरी जिस कारण लूणा पुल टूट गया। इस पुल के टूटने से जिला मुख्यालय चंबा से भरमौर कटा जिस कारण इसके दायरे में आने वाली 29 पंचायतों के लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ेगी। ऐसे में सरकार क्षेत्र के लोगों को इस परेशानी से राहत पहुंचाने के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए।

 

 

जानकारी के अनुसार शनिवार की आधी रात करीब ढाई बजे पुल के समीप मौजूद पहाड़ का एक हिस्सा दरका जिस कारण पुल पर चट्टानें गिरी। इन चट्टानों की चपेट में आकर कंकरीट से बना पुल टूट गया। इस पुल के टूटने से उपमंडल भरमौर जिला मुख्यालय चंबा सहित शेष विश्व से सड़क सुविधा के दृष्टिगत कट गया है। इस स्थिति के चलते भरमौर और होली क्षेत्र के लोगों को अब लूणा से आगे जाने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं होने की वजह से परेशानी के दौर से गुजरना पड़े।
रावी नदी के बीच से गुजरते लोग

 

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रविवार सुबह अपने जरूरी कार्यों के लिए चंबा जिला का रुख करके लूणा पहुंचे लोगों ने पुल टूटा हुआ पाया तो रावी के बीच से गुजर गए। जोकि जान को खतरे में डालने के समान था। इस पुल के टूटने के बाद पैदा हुई विकट स्थिति से भरमौर वासियों को तभी राहत मिलेगी जब इस स्थान पर नए पुल का निर्माण होगा। क्योंकि इस स्थान पर वैकल्पिक मार्ग बनाने की संभावनाएं बेहद कम है।

 

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लोग इसी तरह से रावी नदी के बीच से होकर गुजरने का खतरा मोल लेंगे तो उन्हें कभी भी इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। रावी नदी पर चमेरा जल विद्युत परियोजनाएं मौजूद हैं जिस वजह से अक्सर रावी में चमेरा बांध से पानी छोड़ा जाता है। लोग इस प्रकार की हरकतों को अंजाम ना दें इसके लिए प्रशासन को भी उचित कदम उठाने होंगे। लूना पुल के महत्व की बात करें तो यह पुल हिमाचल प्रदेश के जनजातीय उपमंडल भरमौर के दायरे में आने वाली 29 पंचायतों को जिला मुख्यालय के साथ जोड़ता है। ये भी पढ़ें: भाई के घर मौत का गले लगाया।
लोगों का कहना है कि यह घटना अगर दोपहर के समय घटती तो एक अप्रिय दुर्घटना का रूप धारण कर लेती। क्योंकि चंबा-भरमौर के बीच हरदिन दौड़ने वाले हजारों छोटे-बड़े वाहन इसी पुल पर से होकर गुजरते थे। पठानकोट-चंबा-भरमौर NH पर लैंडस्लाइड अक्सर होता रहता है जिसकी चपेट में आकर कई लोगों की जानें गई हैं।
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