मिंजर मेला 2025 में व्यापार करने वाले इस बार नियमों की धज्जियां नहीं उड़ सकेंगे! बिना कैजुअल GST रजिस्ट्रेशन के अब कोई भी व्यापारी चंबा चौगान में दुकान नहीं लगा सकेगा। हिमाचल सरकार ने टैक्स चोरी पर लगाम कसने के लिए बड़ा एक्शन लिया है। अब ठेकेदारों पर भी सीधी कार्रवाई होगी
चंबा, ( विनोद ): इस साल अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला 2025 में गैरपंजीकृत व्यापारियों के लिए बिना कैजुअल जीएसटी रजिस्ट्रेशन के ट्रेड करना अब आसान नहीं होगा। हिमाचल प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग के जीएसटी विंग ने इस बार चौगान मैदान में दुकान लगाने वाले ठेकेदारों और बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों पर सख्त निगरानी रखने का निर्णय लिया है।

कैजुअल जीएसटी रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य
जीएसटी नियमों के तहत जो व्यापारी स्थायी पंजीकरण नहीं करवाते हैं, उन्हें अस्थायी रूप से व्यापार करने के लिए कैजुअल जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के व्यापार करने पर जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चंबा चौगान मैदान में दुकानें देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि व्यापारी के पास वैध कैजुअल जीएसटी नंबर हो।

ठेकेदारों पर भी कसेगा शिकंजा
विभाग द्वारा उपायुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि किसी ठेकेदार ने बिना जीएसटी नंबर वाले व्यापारी को दुकान दी, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले मिंजर मेला में ऐसे नियमों का पालन ढीले रूप से होता रहा है, जिससे राज्य को राजस्व हानि होती रही है।

हिमाचल प्रदेश टैक्स नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य
हिमाचल की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए टैक्स नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। विभाग का यह कदम राज्य के लिए जीएसटी रेवेन्यू बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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प्रशासन की भूमिका होगी अहम
अब सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर है कि वह इस नियम को कितनी गंभीरता से लागू करता है। यदि बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दुकानें दी जाती हैं तो क्या प्रशासन और ठेकेदारों के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई होती है या नहीं, यह देखना अहम होगा। चूंकि अब गेंद प्रशासन के पाले में है तो उम्मीद जताई जा रही है कि अबकि बार बिना जीएसटी के व्यापार करने वालों को परेशानी पेश आ सकती है।

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