चंबा (विनोद): हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच Himachal ED Entry (ED एंट्री) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हर्ष महाजन ने चंबा दौरे के दौरान Chamba Ki Aawaj News से विशेष बातचीत में दावा किया कि हाल के मामलों को देखते हुए राज्य में ED जांच की संभावना बनती है। इसी बीच हिमाचल में भ्रष्टाचार और ED एंट्री को लेकर सियासी हलचल भी बढ़ती नजर आ रही है।

हिमाचल में भ्रष्टाचार के बीच Himachal ED Entry पर क्या बोले हर्ष महाजन
सांसद ने कहा कि हाल के दिनों में मुख्य सचिव और पूर्व सचिव स्तर के अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों को देखते हुए जांच एजेंसियों की भूमिका बढ़ सकती है। इसी परिप्रेक्ष्य में Himachal ED Entry को लेकर चर्चा लगातार तेज हो रही है और संभावित ED जांच को लेकर अटकलें भी बढ़ रही हैं।

हिमाचल में भ्रष्टाचार के मामलों पर बढ़ी Himachal ED Entry जांच की संभावना
उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों को देखते हुए Himachal ED Entry यानी ED जांच की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। यह उनका दावा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ना स्वाभाविक है, जिससे हिमाचल में ED एंट्री को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

हिमाचल विधानसभा चुनाव 2027 और Himachal ED Entry पर बढ़ता सियासी असर
सांसद ने कहा कि हिमाचल विधानसभा चुनाव 2027 में भ्रष्टाचार एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है। इसी बीच Himachal ED Entry और भ्रष्टाचार मामलों को लेकर सियासी बहस तेज होती जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी चुनाव में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है और राज्य की चुनावी रणनीति पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

सुक्खू सरकार पर सांसद के आरोप
हर्ष महाजन ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य विकास के मामले में पीछे जा रहा है। उनके अनुसार, केंद्र से मिले बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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विकास कार्यों और एनएच परियोजना पर उठे सवाल
सांसद ने पठानकोट-चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि नवंबर 2025 में जारी करीब 96 करोड़ रुपये के बावजूद कई महीनों तक कार्य में प्रगति नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई और अनियमितताओं की आशंका जताई। ऐसे मामलों को देखते हुए हिमाचल में ED एंट्री की संभावना और भी मजबूत होती नजर आ रही है।

चंबा के विकास को लेकर क्या बोले सांसद
चंबा जिले के विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों की सूची में शामिल होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के विकास को लेकर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सांसद के इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में बहस तेज हो सकती है। हालांकि, इस मामले पर सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है। इसी बीच हिमाचल में भ्रष्टाचार और ED एंट्री को लेकर राजनीतिक चर्चा लगातार तेज होती जा रही है।
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vinod kumar 















