×
6:38 pm, Tuesday, 2 June 2026

हिमाचल के एड्स रोगियों के लिए सरकार बजट में यह कदम उठाने जा रही: सुक्खू

शिमला, ( ब्यूरो ):  हिमाचल में एड्स रोगियों के लिए नई योजना हिमाचल सरकार लेकर आएगी। जिसकी झलक आने वाले बजट में देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विश्व एड्स दिवस के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि समाज अब ऐसे रोगियों को अपनाने लगा है। उन्होंने कहा कि भले एड्स एक लाइलाज बीमारी है लेकिन छूत की बीमारी नहीं है। विश्व के वैज्ञानिक इसका उपचार तलाशने में जुटे हुए है। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ऐसे बच्चे इस रोग से ग्रस्त है जिन्हें अपने मां-बाप से यह लाइलाज रोग है। ऐसे में इस रोग से बचने के लिए जो भी जरुरी उपाय है उन्हें अमल में लाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि हर वर्ष 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्कूली बच्चों द्वारा इस रोग के प्रति लोगों में जागरूकता लाने को जागरूकता रैलियां निकाली जाती है। 

 

ये भी पढ़ें: सलूणी में डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूकता।

 

मौजूदा समय में विश्व भर में करीब 4 करोड़ लोग इस रोग से ग्रस्ति है। वर्ष 2021 में ही 15 लाख लोग एचआईवी इंफेक्शन से ग्रसित हुए थे। इस बीमारी ने 2021 में साढ़े 6 लाख लोगों की जानें ले ली। भारती की बात करे तो यहां 15 से 49 वर्ष की आयु के बीच के 25 लाख लोग एड्स रोग से प्रभावित है। वहीं हिमाचल में 5500 एड्स रोगी है।

 

ये भी पढ़ें: कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट बंद, अब नहीं होंगे दर्शन।
About Author Information

vinod Kumar

Popular Post

Dangerous School Route in Himachal: चंबा के स्कूली बच्चे मौत की खाई पार करने को मजबूर

हिमाचल के एड्स रोगियों के लिए सरकार बजट में यह कदम उठाने जा रही: सुक्खू

Update Time : 01:48:16 pm, Friday, 1 December 2023
शिमला, ( ब्यूरो ):  हिमाचल में एड्स रोगियों के लिए नई योजना हिमाचल सरकार लेकर आएगी। जिसकी झलक आने वाले बजट में देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विश्व एड्स दिवस के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि समाज अब ऐसे रोगियों को अपनाने लगा है। उन्होंने कहा कि भले एड्स एक लाइलाज बीमारी है लेकिन छूत की बीमारी नहीं है। विश्व के वैज्ञानिक इसका उपचार तलाशने में जुटे हुए है। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ऐसे बच्चे इस रोग से ग्रस्त है जिन्हें अपने मां-बाप से यह लाइलाज रोग है। ऐसे में इस रोग से बचने के लिए जो भी जरुरी उपाय है उन्हें अमल में लाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि हर वर्ष 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्कूली बच्चों द्वारा इस रोग के प्रति लोगों में जागरूकता लाने को जागरूकता रैलियां निकाली जाती है। 

 

ये भी पढ़ें: सलूणी में डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूकता।

 

मौजूदा समय में विश्व भर में करीब 4 करोड़ लोग इस रोग से ग्रस्ति है। वर्ष 2021 में ही 15 लाख लोग एचआईवी इंफेक्शन से ग्रसित हुए थे। इस बीमारी ने 2021 में साढ़े 6 लाख लोगों की जानें ले ली। भारती की बात करे तो यहां 15 से 49 वर्ष की आयु के बीच के 25 लाख लोग एड्स रोग से प्रभावित है। वहीं हिमाचल में 5500 एड्स रोगी है।

 

ये भी पढ़ें: कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट बंद, अब नहीं होंगे दर्शन।