मुख्यमंत्री जयराम ने npse वर्ग को जोर का झटका दिया
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Chamba Ki Awaj
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Update Time :
12:13:20 pm, Wednesday, 3 August 2022
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चंबा जिला के दौरे पर ओपीएस को लेकर यह बात कही
चंबा, ( विनोद ): मुख्यमंत्री जयराम ने npse वर्ग को जोर का झटका दिया है। अपने जिला चंबा के दौरे पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऐसी बात कही है जो कि न्यू पेंशन योजना के दायरे में आने वाले प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को निराश करने वाली है।
लंबे समय से अपनी पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर आंदोलित इस कर्मचारी वर्ग के लिए मुख्यमंत्री का जिला चंबा का दौरा शुभ नहीं कहां जा सकता है बल्कि सही मायने में cm jairam thakur का यह दौरा इस वर्ग को निराश कर गया।

OPS को लेकर सरकार से उम्मीद लगाए इस कर्मचारी वर्ग के लिए मुख्यमंत्री का ब्यान निराश करने वाला है। मुख्यमंत्री ने dalhousie में ओपीएस को लेकर जो बात कही है उसने न्यू पेंशन कर्मचारी वर्ग की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है।
ops को लेकर पूछे सवाल पर मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रत्येक कर्मचारी वर्ग को अपनी मांग रखने का अधिकार है और वह अपनी मांग कर रहे है लेकिन जब कर्मचारी मांग करते है तो सारी सरकारों में उनकी सारी मांगे पूरी हो जाती हैं ऐसा तो होता नहीं।
कुछ होती है कुछ नहीं हो पाती है। अपना पक्ष वह रख रहे है और ऐसे में जो परिस्थितियां प्रदेश की हैं उन परिस्थितियों में उसे स्वीकार किया जा सकता है या नहीं किया जा सकता है उस पर अभी कहना कठिन है सरल नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिन प्रदेशों में कांग्रेस ने घोषणाएं की है उनके हालात पूछे कि वह कितने संकट में है। राजस्थान सरकार केंद्रीय मंत्री के समक्ष इसे लागू करने में खुद को असमर्थ बता कर मदद मांग रही है।
ओपीएस के इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल की पूर्व कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब बार-बार कह रही है कि हम आते ही ओपीएस बहाली करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले यह तो बताए कि 2003 में जब इस संदर्भ में MOU साइन हुआ तो उस समय हिमाचल प्रदेश में वीरभद्र सिंह की सरकार थी और उस समय हिमाचल देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने ओपीएस को समाप्त कर एनपीएस को लागू किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के इस ब्यान पर गौर करे तो यह साफ पता चलता है कि भले ओपीएस बहाली को लेकर सरकार ने कमेटी गठित कर रखी हो लेकिन एनपीएस कर्मचारियों की ओपीएस बहाली की मांग के पूरा होने की उम्मीद बहुत कम है।