himachal weather : 2 माह बाद हिमाचल में बर्फबारी व बारिश होने से पड़ा सूखा समाप्त हो गया है। शिमला, कुफरी, मनाली, धर्मशाला, डल्हौजी व खजियार में ताजा बर्फबारी ने लोगों को राहत पहुंचाई है। पर्यटन उद्योग गर्माने की उम्मीद जगी है।
शिमला, ( ब्यूरो ): हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर मंगलवार की रात से शुरू हुआ है। यह मौसम का मिजाज लोगों को राहत पहुंचाने वाला है। इस बार की सर्दियों में बर्फ का इंतजार करते हुए दो माह हो चुके थे तो साथ ही सूखे का यह दौर 112 वर्षों के बाद देखने को मिला था।
बारिश व बर्फबारी न होने की वजह से सेब सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बागवान इस बात से चिंतित थे कि अगर मौसम का रुख यहीं बना रहा तो सेब की फसल तो दूर सेब के पेड़ों को बचाना तक मुश्किल हो जाएगा। परंतु मंगलवार से हिमाचल के कई स्थानों पर बारिश व बर्फबारी होने से बागवानों, किसानों व सब्जी उत्पादकों ने राहत की सांस ली है। हो रही बारिश व बर्फबारी को गेहूं और सब्जियों जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है।
गर्मी से मिलेगी राहत
हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश व बर्फबारी का संकेत देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश व बर्फबारी होने से तापमान का पारा लुढ़का है जिससे लोगों को शुष्क ठंड से निजात मिली है। अब आने वाली गर्मियों को लेकर लोगों की बढ़ रही चिंता भी कम हुई है। लोगों का मानना है कि पहाड़ों पर बर्फ की मौजूदगी से गर्मी के मौसम में सर्द हवाएं चलती रहेगी जिससे तेज गर्मी के मौसम में राहत पहुंचेगी।
पर्यटन उद्योग तेज होने की संभावना
पर्यटन उद्योग हिमाचल की आय का मुख्य साधन है। बीते वर्ष 2023-क्रिसमस में बर्फबारी नहीं हुई तो new year eve 2024 में भी बर्फबारी न होने से हिमाचल के उद्योग को भारी नुकसान पहुंचा। बर्फबारी नहीं होने की वजह से कम पर्यटकों ने हिमाचल का रुख किया। चूंकि अब 2 माह के बाद बर्फबारी हुई है तो बर्फ देखने के शौकीन पहाड़ों की तरफ रूख करेंगे। यही वजह है कि हिमाचल के किसानों,बागवानों व फल उत्पादक सहित हिमाचल के होटल व्यवसायियों के लटके चेहरों पर रौनक लौट आई है।
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