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11:22:51 am, Friday, 24 September 2021
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चरस सहित धरे व्यक्ति के घर से पुलिस को छापामारी के दौरान मिली सफलता
खजियार में आने वाले सैलानियों को चरस बेच कर करता था कमाई
चंबा, 24 सितंबर (विनोद): पुलिस ने चरस सहित भालू की खाल बरामद करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस थाना चंबा में उक्त आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है और आज शुक्रवार को उसे अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस ने उसके खिलाफ NDPS एक्ट सहित वन्य प्राणी सुरक्षा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
पुलिस की मानें तो अब वह इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आरोपी ने इस भालू काे कब और कहां मारा तो साथ ही इसे मारने के लिए किस बंदूक का प्रयोग किया।
जानकारी के अनुसार कांगड़ा के SNCC उड़न दस्ते के ASI करतार सिंह की अगुवाई में मुख्य आरक्षी मोहम्मद असलम, विक्रांत व HHC मनोहर व HC संजय ने खजियार में देवदार होटल के पास नाकाबंद कर रखी थी। वहां मौजूद इसपुलिस टीम को देखकर 63 वर्षीय प्रसाद कुमार उर्फ बाला निवासी गांव बाथली ने संदिग्ध हरकतों को अंजाम दिया।
चरस आरोपी के साथ पुलिस दल कार्रवाई के दौरान
शंका होने पर जब उक्त पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की और उसकी तलाशी ली तो उसके कब्जे से पुलिस को 170 ग्राम चरस के साथ 3 हजार रुपए की नगदी बरामद की। इस बारे में ASI करतार सिंह नेपुलिस थानाचंबा को इस बारे में सूचित किया। इस पर पुलिस थाना चंबा ने सक्रियता दिखाते हुए तुरंत ASI अखिलेश सिंह की अगुवाई में एक पुलिस दल ने आरोपी के घर पर छापा मारा।
उसके घर के भीतर से जो बरामद हुआ उसे देखकर पुलिस दल भी हैरान हो गया। इस छापामारी के दौरान घर के भीतर से भालू की खाल बरामद हुई। पुलिस ने खाल की पहचान करवाने के लिए खजियार में तैनात वन्य प्राणी विभाग के BO को बुलाया और उसने खाल की पहचान करते हुए इसे भालू की खाल बताया। इसके बाद पुलिस ने खाल को अपने कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ वन्य प्राणी सुरक्षा एक्ट के तहत पुलिस थाना चंबा में मामला दर्ज कर लिया है।
चरस आरोपी के घर से पुलिस द्वारा बरामद की गई भालू की खाल।
SP चंबा अरुल कुमार का कहना है कि पुलिस अब इस आरोपी से चरस व इस भालू की खाल के संदर्भ में जानकारी हासिल करने का प्रयास करेगी। पुलिस की माने तो आरोपी खजियार में आने वाले सैलानियों को चरस बेचने का काम करता था तो साथ ही अवैध शिकार को अंजाम देता था।
ऐसे में प्रदेश नार्कोटिकस नियन्त्रण सैल के कांगड़ा यूनिट के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। अगर वह उक्त आरोपी को चरस सहित गिरफ्तार नहीं करता था शायद ही अवैध शिकार के मामले का खुलासा हो पाता। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में और क्या-क्या सामने आता है।