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खास खबर: वर्कर व आंगनबाड़ी का रिकार्ड बताएगा मां का पता

पुलिस ने चार सदसीय टीम का गठन किया

चंबा, (विनोद): नवजात लावारिस बच्ची की मां का पता लगाने के लिए आशा वर्कर व आंगनबाड़ी केंद्रों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। इसके लिए पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है। इस योजना को सफल बनाने के लिए एक चार सदस्यीय पुलिस दल का गठन किया गया है।
इस दल की कमान एसआई अनिल कुमार को सौंपी गई है। यह दल आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्ग की मदद से बच्ची के अभिभावकों तक पहुंचने में जुट गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस योजना के तहत कार्यवाही की जा रही है।
यह विशेष पुलिस दल सबसे पहले आशा वर्करों से उनके क्षेत्र में बीते कुछ दिनों के दौरान मौजूद गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटाएगी। वर्तमान में आशा वर्करों को अपने क्षेत्र में किसी भी गर्भवती महिला को सरकारी पोषाहार के साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने का जिम्मा है ।
यह दोनों वर्ग अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के बारे में पूरी जानकारी रखते है क्योंकि समय-समय पर गर्भवती महिला के टीकाकरण का पूरा हिसाब-किताब भी यह वर्ग रखता है। ऐसे में पुलिस इस दिशा में सही ढंग से आगे बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
पुलिस को यह उम्मीद है कि जिस भी महिला ने इस बच्ची को जन्म दिया है वह कभी न कभी अपने क्षेत्र की आशा वर्कर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संपर्क में जरुर आई होगी।

इसके साथ ही पुलिस इस बात का भी पता लगाएगी कि अगर इस प्रसव को किसी अस्पताल में अंजाम दिया गया है तो वह कौन सा है। इसके लिए पुलिस विभिन्न अस्पतालों में जाकर वहां रविवार या फिर इससे दो-चार दिनों के भीतर किस अस्पताल में कितनी डिलीवरी हुई है।
पुलिस की इस योजना पर गौर करे तो यह बात साफ होती है पुलिस इस मामले की तह तक जाने व इस अमानवीय कार्य को अंजाम देने वालों का पता लगाने की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ने की योजना का खाका तैयार कर चुकी है।
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. प्लास्टिक के टब में लावारिस छोड़ दी नवजात बच्ची।
. इस महिला ने प्रदेश भर में जिला का नाम रोशन किया।
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VINOD KUMAR

खास खबर: वर्कर व आंगनबाड़ी का रिकार्ड बताएगा मां का पता

Update Time : 11:01:53 pm, Tuesday, 21 December 2021

पुलिस ने चार सदसीय टीम का गठन किया

चंबा, (विनोद): नवजात लावारिस बच्ची की मां का पता लगाने के लिए आशा वर्कर व आंगनबाड़ी केंद्रों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। इसके लिए पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है। इस योजना को सफल बनाने के लिए एक चार सदस्यीय पुलिस दल का गठन किया गया है।
इस दल की कमान एसआई अनिल कुमार को सौंपी गई है। यह दल आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्ग की मदद से बच्ची के अभिभावकों तक पहुंचने में जुट गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस योजना के तहत कार्यवाही की जा रही है।
यह विशेष पुलिस दल सबसे पहले आशा वर्करों से उनके क्षेत्र में बीते कुछ दिनों के दौरान मौजूद गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटाएगी। वर्तमान में आशा वर्करों को अपने क्षेत्र में किसी भी गर्भवती महिला को सरकारी पोषाहार के साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने का जिम्मा है ।
यह दोनों वर्ग अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के बारे में पूरी जानकारी रखते है क्योंकि समय-समय पर गर्भवती महिला के टीकाकरण का पूरा हिसाब-किताब भी यह वर्ग रखता है। ऐसे में पुलिस इस दिशा में सही ढंग से आगे बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
पुलिस को यह उम्मीद है कि जिस भी महिला ने इस बच्ची को जन्म दिया है वह कभी न कभी अपने क्षेत्र की आशा वर्कर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संपर्क में जरुर आई होगी।

इसके साथ ही पुलिस इस बात का भी पता लगाएगी कि अगर इस प्रसव को किसी अस्पताल में अंजाम दिया गया है तो वह कौन सा है। इसके लिए पुलिस विभिन्न अस्पतालों में जाकर वहां रविवार या फिर इससे दो-चार दिनों के भीतर किस अस्पताल में कितनी डिलीवरी हुई है।
पुलिस की इस योजना पर गौर करे तो यह बात साफ होती है पुलिस इस मामले की तह तक जाने व इस अमानवीय कार्य को अंजाम देने वालों का पता लगाने की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ने की योजना का खाका तैयार कर चुकी है।
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