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NGT के आदेश पर चंबा की हवाओं की शुद्धता की होगी जांच

नगर परिषद चंबा के परिसर में आदेश के चलते स्थापित की गई मशीन

चंबा, 25 जून (विनोद): NGT के आदेश पर चंबा की हवाओं की शुद्धता की जांच के लिए मशीन स्थापित हो गई है। जिला चम्बा के लोग क्या जहरीली हवाओं में सांसें ले रहें हैं? यहां की हवाऐं कितनी दूषित हैं और इनमें कितना जहर घुला हुआ है? इन सब सवालों का जल्द ही जबाव मिलने जा रहा है।
इसके लिए राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड ने नगर परिषद कार्यालय चंबा के परिसर में इस बात का पता लगाने के लिए एक मशीन को स्थापित किया गया है। यह मशीन हर चार घंटे के बाद चंबा की हवा की जांच करेगी।
यह आधुनिक मशीन यह बताएगी कि चंबा का वातावरण जिसे हम सब पूरी तरह से शुद्ध मानते हैं वह क्यां निर्धारित मानकों पर खरा उतरती है या नहीं। या फिर यहां की हवाएं लोगों की सेहत पर विपरित असर डाल रही है।
गाड़ियों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का मुख्य कारक।
गाड़ियों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का मुख्य कारक।
इसके लिए हर चार घंटे बाद मशीन के माध्यम से जांच के लिए हवा के कणों के सैंपल लिए जाएंगे। इन सैंपलों को जांच के लिए धर्मशाला ‌स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। जहां पर सैंपलो की जांच होगी। प्रयोगशाला में कणों की जांच करके पता लगाया जाएगा कि चंबा नगर की जलवायु प्रदूषित है या नहीं।
जांच में अगर यहां की जलवायु प्रदुषित पाई जाती है तो उसे शुद्ध करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आगामी योजना तैयार करेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चंबा के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के आदेश पर चंबा नगर की जलवायु की शुद्धता जांची जा रही है।
अगले 24 घंटो तक यह मशीन नगर परिषद के कार्यालय में स्थापित रहेगी। जहां पर मशीन के जरिए शहर के वातावरण में फैले कणों के सैंपल लिए जाएंगे। शहरी ईलाकों की जलवायु जांचने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की जलवायु को जांचा जाएगा।

बेहद महत्वर्पूण जानकारी मिलने की उम्मीद

जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में दुनिया की 90 प्रतिशत आबादी दूषित हवा में सांस लेती है। हवा की शुद्धता तो जांचने के लिए इस मशीन के माध्यम से ऐसे छोटे-छोटे कणों और गैसों का डेटा तैयार किया जाता है जो कि हवा का दूषित करने के लिए जिम्मेवार होते हैं। इस डेटा की मदद से वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।

एनजीटी के आदेश जनहित में

एनजीटी के यह आदेश जिला चम्बा के लोगों में यहां की हवाओं की शुद्धता की जांच होने से लोगों में मन में आए दिन पैदा होने वाले सवालों का जबाव मिल जाएगी। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के यह आदेश चंबा के लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत बेहद महत्वपूर्ण है।
कैस होती है वायु दूषित
वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा को जहरीला करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। वाहनों से निकलने वाला धुंआ सल्फर डाइऑक्साईड नाईट्रिक ऑक्साइड छोड‍़ते हैं जिस वजह से हवाएं दूषित होती है। लोगों द्वारा धूम्रपान करने से उसमें से निकलने वाला धुआं कार्बन मोनोऑक्साइड निकलता है। ऐसा कोई भी रसायन जो वायु में मिल जाता है और वे उसका प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। अलग से उसमें घुलता है उससे वायु दूषित होता है।

ये भी पढ़ें- चेक बाउंस मामले में अदालत द्वारा घोषित अपराधी को पुलिस ने इस तरह धरा।

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vinod Kumar

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NGT के आदेश पर चंबा की हवाओं की शुद्धता की होगी जांच

Update Time : 09:23:21 pm, Friday, 25 June 2021

नगर परिषद चंबा के परिसर में आदेश के चलते स्थापित की गई मशीन

चंबा, 25 जून (विनोद): NGT के आदेश पर चंबा की हवाओं की शुद्धता की जांच के लिए मशीन स्थापित हो गई है। जिला चम्बा के लोग क्या जहरीली हवाओं में सांसें ले रहें हैं? यहां की हवाऐं कितनी दूषित हैं और इनमें कितना जहर घुला हुआ है? इन सब सवालों का जल्द ही जबाव मिलने जा रहा है।
इसके लिए राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड ने नगर परिषद कार्यालय चंबा के परिसर में इस बात का पता लगाने के लिए एक मशीन को स्थापित किया गया है। यह मशीन हर चार घंटे के बाद चंबा की हवा की जांच करेगी।
यह आधुनिक मशीन यह बताएगी कि चंबा का वातावरण जिसे हम सब पूरी तरह से शुद्ध मानते हैं वह क्यां निर्धारित मानकों पर खरा उतरती है या नहीं। या फिर यहां की हवाएं लोगों की सेहत पर विपरित असर डाल रही है।
गाड़ियों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का मुख्य कारक।
गाड़ियों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का मुख्य कारक।
इसके लिए हर चार घंटे बाद मशीन के माध्यम से जांच के लिए हवा के कणों के सैंपल लिए जाएंगे। इन सैंपलों को जांच के लिए धर्मशाला ‌स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। जहां पर सैंपलो की जांच होगी। प्रयोगशाला में कणों की जांच करके पता लगाया जाएगा कि चंबा नगर की जलवायु प्रदूषित है या नहीं।
जांच में अगर यहां की जलवायु प्रदुषित पाई जाती है तो उसे शुद्ध करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आगामी योजना तैयार करेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चंबा के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के आदेश पर चंबा नगर की जलवायु की शुद्धता जांची जा रही है।
अगले 24 घंटो तक यह मशीन नगर परिषद के कार्यालय में स्थापित रहेगी। जहां पर मशीन के जरिए शहर के वातावरण में फैले कणों के सैंपल लिए जाएंगे। शहरी ईलाकों की जलवायु जांचने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की जलवायु को जांचा जाएगा।

बेहद महत्वर्पूण जानकारी मिलने की उम्मीद

जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में दुनिया की 90 प्रतिशत आबादी दूषित हवा में सांस लेती है। हवा की शुद्धता तो जांचने के लिए इस मशीन के माध्यम से ऐसे छोटे-छोटे कणों और गैसों का डेटा तैयार किया जाता है जो कि हवा का दूषित करने के लिए जिम्मेवार होते हैं। इस डेटा की मदद से वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।

एनजीटी के आदेश जनहित में

एनजीटी के यह आदेश जिला चम्बा के लोगों में यहां की हवाओं की शुद्धता की जांच होने से लोगों में मन में आए दिन पैदा होने वाले सवालों का जबाव मिल जाएगी। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के यह आदेश चंबा के लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत बेहद महत्वपूर्ण है।
कैस होती है वायु दूषित
वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा को जहरीला करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। वाहनों से निकलने वाला धुंआ सल्फर डाइऑक्साईड नाईट्रिक ऑक्साइड छोड‍़ते हैं जिस वजह से हवाएं दूषित होती है। लोगों द्वारा धूम्रपान करने से उसमें से निकलने वाला धुआं कार्बन मोनोऑक्साइड निकलता है। ऐसा कोई भी रसायन जो वायु में मिल जाता है और वे उसका प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। अलग से उसमें घुलता है उससे वायु दूषित होता है।

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