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3:52 pm, Monday, 11 May 2026

Chamba MGNREGA Scam: बाड़का पंचायत में मनरेगा कार्यों पर विवाद, ग्रामीणों ने मांगी जांच

Chamba MGNREGA Scam पर चर्चाओं लाखों रुपये खर्च के दावों के बीच ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग

चंबा, 10 मई। जिला चंबा के विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत बाडका इन दिनों कथित Chamba MGNREGA Scam को लेकर चर्चाओं में है। पंचायत में मनरेगा के तहत हुए विभिन्न विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के दावों पर अब सवाल उठने लगे हैं। गांवों में लगाए गए मनरेगा साइन बोर्ड जहां बड़े स्तर पर विकास कार्य होने का दावा कर रहे हैं, वहीं कई स्थानों पर धरातल पर स्थिति इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिन जगहों पर पक्के रास्ते, पनिहारे और अन्य निर्माण कार्यों पर लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए हैं, वहां कई जगह विकास कार्य दिखाई ही नहीं दे रहे। इसी मुद्दे को लेकर पंचायत निवासी धीरज ने सोशल मीडिया के माध्यम से कथित अनियमितताओं को उजागर करते हुए पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्षेत्र में अब यह मामला संभावित Chamba MGNREGA Scam के रूप में चर्चा का विषय बन गया है।

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सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तेज हुई चर्चाएं

धीरज का दावा है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिन विकास कार्यों पर सरकारी रिकॉर्ड में लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, उनमें से कई कार्य जमीनी स्तर पर मौजूद नहीं हैं। विशेष रूप से एक गांव के पनिहारे और कथित पक्के रास्ते को लेकर उठाए गए सवालों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि विकास कार्य वास्तव में हुए हैं तो वे जनता को दिखाई क्यों नहीं दे रहे। आखिर सरकारी फाइलों में दर्ज खर्च का लाभ ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंचा?

ग्रामीणों के बीच अब Chamba MGNREGA Scam को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड में दर्शाए गए कार्य वास्तव में पूरे हुए हैं तो प्रशासन को इसकी सार्वजनिक जांच करवानी चाहिए।

पंचायत चुनावों के बीच राजनीतिक रंग लेने लगा मामला

इन आरोपों के बाद पंचायत में संभावित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पंचायत चुनावों के माहौल में यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि वर्षों से विकास के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति होती रही, जबकि गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें: डल्हौजी की राजनीति में किस नेता काे धुरंधर कहा जाता है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह मामला सच साबित होता है तो यह बड़ा Chamba MGNREGA Scam बन सकता है। वहीं दूसरी ओर लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

प्रशासनिक जांच की मांग हुई तेज

अब लोगों की नजर संबंधित विभाग और प्रशासन पर टिकी हुई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके। फिलहाल ग्राम पंचायत बाडका पूरे सलूणी क्षेत्र में सवालों और चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है और Chamba MGNREGA Scam को लेकर लोगों में लगातार चर्चा जारी है।

Agarwal Jewellers Chamba

क्या कहते हैं BDO SALOONI

बीडीओ सलूणी कंवर सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार की बातें पूरी तरह से असत्य है क्योंकि इन कार्यों की बात कही जा रही है वे कार्य स्वीकृत जरुर हुए हैं लेकिन अभी तक ये शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में इन कार्यों को लेकर जो संदेह जताया जा रहा है वह सही नहीं है।

ये भी पढ़ें: पंचायत चुनावों में दिखेगी 2027 विधानसभा चुनाव की झलक।

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vinod Kumar

Chamba MGNREGA Scam: बाड़का पंचायत में मनरेगा कार्यों पर विवाद, ग्रामीणों ने मांगी जांच

Chamba MGNREGA Scam: बाड़का पंचायत में मनरेगा कार्यों पर विवाद, ग्रामीणों ने मांगी जांच

Update Time : 09:24:56 am, Monday, 11 May 2026

Chamba MGNREGA Scam पर चर्चाओं लाखों रुपये खर्च के दावों के बीच ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग

चंबा, 10 मई। जिला चंबा के विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत बाडका इन दिनों कथित Chamba MGNREGA Scam को लेकर चर्चाओं में है। पंचायत में मनरेगा के तहत हुए विभिन्न विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के दावों पर अब सवाल उठने लगे हैं। गांवों में लगाए गए मनरेगा साइन बोर्ड जहां बड़े स्तर पर विकास कार्य होने का दावा कर रहे हैं, वहीं कई स्थानों पर धरातल पर स्थिति इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिन जगहों पर पक्के रास्ते, पनिहारे और अन्य निर्माण कार्यों पर लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए हैं, वहां कई जगह विकास कार्य दिखाई ही नहीं दे रहे। इसी मुद्दे को लेकर पंचायत निवासी धीरज ने सोशल मीडिया के माध्यम से कथित अनियमितताओं को उजागर करते हुए पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्षेत्र में अब यह मामला संभावित Chamba MGNREGA Scam के रूप में चर्चा का विषय बन गया है।

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सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तेज हुई चर्चाएं

धीरज का दावा है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिन विकास कार्यों पर सरकारी रिकॉर्ड में लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, उनमें से कई कार्य जमीनी स्तर पर मौजूद नहीं हैं। विशेष रूप से एक गांव के पनिहारे और कथित पक्के रास्ते को लेकर उठाए गए सवालों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि विकास कार्य वास्तव में हुए हैं तो वे जनता को दिखाई क्यों नहीं दे रहे। आखिर सरकारी फाइलों में दर्ज खर्च का लाभ ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंचा?

ग्रामीणों के बीच अब Chamba MGNREGA Scam को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड में दर्शाए गए कार्य वास्तव में पूरे हुए हैं तो प्रशासन को इसकी सार्वजनिक जांच करवानी चाहिए।

पंचायत चुनावों के बीच राजनीतिक रंग लेने लगा मामला

इन आरोपों के बाद पंचायत में संभावित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पंचायत चुनावों के माहौल में यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि वर्षों से विकास के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति होती रही, जबकि गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह मामला सच साबित होता है तो यह बड़ा Chamba MGNREGA Scam बन सकता है। वहीं दूसरी ओर लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

प्रशासनिक जांच की मांग हुई तेज

अब लोगों की नजर संबंधित विभाग और प्रशासन पर टिकी हुई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके। फिलहाल ग्राम पंचायत बाडका पूरे सलूणी क्षेत्र में सवालों और चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है और Chamba MGNREGA Scam को लेकर लोगों में लगातार चर्चा जारी है।

Agarwal Jewellers Chamba

क्या कहते हैं BDO SALOONI

बीडीओ सलूणी कंवर सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार की बातें पूरी तरह से असत्य है क्योंकि इन कार्यों की बात कही जा रही है वे कार्य स्वीकृत जरुर हुए हैं लेकिन अभी तक ये शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में इन कार्यों को लेकर जो संदेह जताया जा रहा है वह सही नहीं है।

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