शुक्रवार रात हिमाचल प्रदेश में भूकंप (Himachal Earthquake) के तेज झटकों ने लोगों में भय और दहशत का माहौल पैदा कर दिया। रात करीब 9:47 बजे जैसे ही धरती कांपी, लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोग जहां थे वहीं ठिठक गए और कुछ देर तक स्थिति को समझ नहीं पाए।

रिक्टर स्केल पर 5.9 तीव्रता, बड़ा नुकसान टला
चंबा, ( विनोद ):जानकारी के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई, जो कि मध्यम से तेज श्रेणी में आती है। हालांकि राहत की बात यह रही कि झटकों की अवधि कम होने के कारण किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली। फिर भी, इस अचानक आए भूकंप ने लोगों को घंटों तक डर और असुरक्षा के माहौल में रखा।

शिमला, धर्मशाला, चंबा में हिले लोग — सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप
इस Himachal Earthquake Today के झटके प्रदेश की राजधानी शिमला, धर्मशाला और चंबा सहित कई इलाकों में महसूस किए गए। भूकंप के तुरंत बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो शेयर करना शुरू कर दिया, जिससे यह खबर कुछ ही मिनटों में वायरल और ट्रेंडिंग बन गई।
🌍 अफगानिस्तान के हिंदुकुश में था भूकंप का केंद्र
विशेषज्ञों के अनुसार इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान( afghanistan ) के हिंदुकुश पर्वतीय क्षेत्र में जमीन से करीब 150 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। यही कारण है कि तीव्रता अधिक होने के बावजूद हिमाचल में नुकसान कम देखने को मिला। जानकारों का कहना है कि अगर यह केंद्र नजदीक होता या भूकंप की समयावधि अधिक होती तो नुक्सान हो सकता था।

⚠️ चंबा और कांगड़ा सिस्मिक जोन में, खतरा बना रहता है
हिमाचल के चंबा और कांगड़ा जिले भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील सिस्मिक जोन में आते हैं। इन क्षेत्रों में पहले भी कई बार Earthquake in Himachal Pradesh के झटके महसूस किए जा चुके हैं, जिससे भविष्य में बड़े भूकंप की आशंका हमेशा बनी रहती है। गौरतलब है कि 31 मार्च को सुबह 4:33 बजे कांगड़ा में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। उस समय इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई थी।
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बड़ी राहत: कोई नुकसान नहीं
फिलहाल प्रशासन की ओर से Himachal Earthquake के बाद किसी भी प्रकार के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
Q1. हिमाचल में भूकंप क्यों आते हैं?
👉 Himachal Earthquake की घटनाएं इसलिए होती हैं क्योंकि हिमाचल प्रदेश सिस्मिक जोन में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल अधिक रहती है।
Q2. क्या चंबा और कांगड़ा खतरे में हैं?
👉 हां, Himachal Earthquake के लिहाज से चंबा और कांगड़ा जिले high seismic zone में आते हैं, इसलिए यहां भूकंप का खतरा बना रहता है।
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vinod kumar 









