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1:31 pm, Thursday, 16 April 2026
अधिकारियों की टीम ने किया निरीक्षण

Pangi Green Energy : जनजातीय पांगी घाटी को अंधेरे से निजात मिलेगी, ऐसे बदलेगी ऊर्जा की तस्वीर

Officials in a group photo during inspection of solar plant construction work in Pangi

Pangi Green Energy : हिमाचल की जनजातीय पांगी घाटी के धरवास गांव में ₹10.5 करोड़ की लागत से 1 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट बन रहा है। यह परियोजना घाटी को स्थायी और स्वच्छ बिजली देकर बिजली संकट का समाधान करेगी।

चंबा, ( विनोद ) : हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। धरवास गांव में लगभग ₹10.5 करोड़ की लागत से 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plant) तैयार किया जा रहा है, जिसका निरीक्षण वीरवार को आवासीय आयुक्त पांगी रमन घरसंगी ने किया। 

Pangi Green Energy : पांगी घाटी में 10.5 करोड़ से बन रहा सोलर प्लांट

उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह मेगा सोलर प्रोजेक्ट घाटी के दूरदराज़ इलाकों में बिजली संकट से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान साबित होगा।

सौर ऊर्जा से मिलेगा स्थायी समाधान

यह परियोजना न केवल पांगी घाटी को हरित ऊर्जा (Green Energy) प्रदान करेगी, बल्कि इसे क्लीन एनर्जी ज़ोन में भी तब्दील करेगी। इससे घाटी में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और जनजीवन को सहूलियत मिलेगी।

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इस परेशानी से मिलेगी निजात

गौरतलब है कि सर्दियों में पांगी घाटी में भारी बर्फबारी व कड़ाके की ठंड पड़ने से यहां का तापमान शुन्य से नीचे चला जाता है। इस वजह से यहां के नालों का पानी जम जाता है। इस वजह से पांगी घाटी में बिजली उत्पादन में 80 प्रतिशत की कमी दर्ज होती है। परिणामस्वरूप जनजाति पांगी घाटी(Tribal Pangi Valley) में सर्दियों के मौसम के करीब 6 माह तक बिजली समस्या बनी रहती है। घाटी के लोगों सर्द रातें अंधेरे में गुजारने को मजबूर होते है।

ऐसे में यह सोलर प्लांट पांगी वासियों को अंधेरे से राहत पहुंचाने की आस बना हुआ है। यही वजह है कि लोगों में इस सोलर पावर प्लांट के निर्माण कार्य के पूरा होने को लेकर बेहद उत्सुकता बनी हुई है। ऐसे में पांगी प्रशासन का इस सोलर पावर प्लांट कार्य को निरिक्षण करने से लोगों को इस कार्य के निर्धारित समयसीमा में पूरा होने की आस जगाता है।

निर्माण कार्य की समयसीमा – 30 नवंबर 2025

आयुक्त ने बताया कि संयंत्र को 30 नवंबर 2025 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्ता आधारित कार्य सुनिश्चित करने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी पांगी योगेश शर्मा, तहसीलदार पांगी शांता कुमार, विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता सुनील चंदेल, सहायक अभियंता शिव कुमार मौजूद रहे। 

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vinod Kumar

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Pangi Green Energy : जनजातीय पांगी घाटी को अंधेरे से निजात मिलेगी, ऐसे बदलेगी ऊर्जा की तस्वीर

Update Time : 07:09:52 pm, Thursday, 24 July 2025

Pangi Green Energy : हिमाचल की जनजातीय पांगी घाटी के धरवास गांव में ₹10.5 करोड़ की लागत से 1 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट बन रहा है। यह परियोजना घाटी को स्थायी और स्वच्छ बिजली देकर बिजली संकट का समाधान करेगी।

चंबा, ( विनोद ) : हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। धरवास गांव में लगभग ₹10.5 करोड़ की लागत से 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plant) तैयार किया जा रहा है, जिसका निरीक्षण वीरवार को आवासीय आयुक्त पांगी रमन घरसंगी ने किया। 

Pangi Green Energy : पांगी घाटी में 10.5 करोड़ से बन रहा सोलर प्लांट

उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह मेगा सोलर प्रोजेक्ट घाटी के दूरदराज़ इलाकों में बिजली संकट से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान साबित होगा।

सौर ऊर्जा से मिलेगा स्थायी समाधान

यह परियोजना न केवल पांगी घाटी को हरित ऊर्जा (Green Energy) प्रदान करेगी, बल्कि इसे क्लीन एनर्जी ज़ोन में भी तब्दील करेगी। इससे घाटी में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और जनजीवन को सहूलियत मिलेगी।

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इस परेशानी से मिलेगी निजात

गौरतलब है कि सर्दियों में पांगी घाटी में भारी बर्फबारी व कड़ाके की ठंड पड़ने से यहां का तापमान शुन्य से नीचे चला जाता है। इस वजह से यहां के नालों का पानी जम जाता है। इस वजह से पांगी घाटी में बिजली उत्पादन में 80 प्रतिशत की कमी दर्ज होती है। परिणामस्वरूप जनजाति पांगी घाटी(Tribal Pangi Valley) में सर्दियों के मौसम के करीब 6 माह तक बिजली समस्या बनी रहती है। घाटी के लोगों सर्द रातें अंधेरे में गुजारने को मजबूर होते है।

ऐसे में यह सोलर प्लांट पांगी वासियों को अंधेरे से राहत पहुंचाने की आस बना हुआ है। यही वजह है कि लोगों में इस सोलर पावर प्लांट के निर्माण कार्य के पूरा होने को लेकर बेहद उत्सुकता बनी हुई है। ऐसे में पांगी प्रशासन का इस सोलर पावर प्लांट कार्य को निरिक्षण करने से लोगों को इस कार्य के निर्धारित समयसीमा में पूरा होने की आस जगाता है।

निर्माण कार्य की समयसीमा – 30 नवंबर 2025

आयुक्त ने बताया कि संयंत्र को 30 नवंबर 2025 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्ता आधारित कार्य सुनिश्चित करने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी पांगी योगेश शर्मा, तहसीलदार पांगी शांता कुमार, विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता सुनील चंदेल, सहायक अभियंता शिव कुमार मौजूद रहे। 

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