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10:44 am, Friday, 17 April 2026

Manimahesh पवित्र स्नान की तारीख को लेकर असमन्जस की स्थिति

संचूई के पुजारियों व चेलो ने स्नान का महूर्त बताया तो प्रशासन कल ही कुछ बताने की स्थिति में होगा

भरमौर, (ठाकुर ):  Manimahesh पवित्र स्नान की तारीख को लेकर असमन्जस की स्थिति बनी। इस स्थिति से पार पाने के लिए भरमौर प्रशासन ने संचूई के पुजारियों व चेलो से संपर्क साधा है। उम्मीद जताई जा रही है कि वीरवार तक इस संदर्भ में पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।

 

इस उहापोह की स्थिति की वजह से ही भरमौर प्रशासन अभी तक मणिमहेश के बड़े स्थान की निर्धारित तारीख यानी दिन को बताने की स्थिति में खुद को सहज नहीं पा रहा है। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि इस वर्ष दो जन्माष्टमी मनाई गई तो राधाष्टमी भी दो होंगी। इसी के चलते बड़े स्नान की तारिख को लेकर लोगों में भ्रम पैदा करने वाली स्थिति बनी हुई है।

 

भरमौर प्रशासन भी इस दुविधाजनक स्थिति से पार पाने के लिए सचूई के पुजारियों व चेलो के साथ संपर्क साधे हुए है। इस बात की पुष्टि एसडीएम भरमौर व मेला अधिकारी भरमौर असीम सूद ने की है। उन्होंने बताया कि सचूई के चेले व पुजारी इस बारे में जो जानकारी देंगे उनके अनुरूप ही स्नान का दिन अधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा।
पुजारियों व चेलो द्वारा जो जानकारी मुहैया करवाई जाएगी उसके अनुरूप स्नान की तिथि को लेकर अधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की जाएगी। सूत्रों की माने तो संचूई के पुजारियों व चेले 2 सितंबर की दोपहर 2 बजे वे पवित्र डल में प्रवेश करके उसे पार करेंगे जिसके साथ ही यह पवित्र स्नान शुरू हो जाएगा जो कि अगले दिन के दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा।

इस पूरी धार्मिक परंपरा को लेकर असमंजस की स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि अक्सर इस मणिमहेश यात्रा को कृष्ण जन्माष्टमी से लेकर राधा अष्टमी तक शुभ माना जाता है लेकिन चूंकि इस बार राधा अष्टमी 3 व 4 सितम्बर को आ रही है।

 

ये भी पढ़ें: मणिमहेश छड़ी कहां-कहां रुकेगी श्रीमहंत ने बताया।

 

इस बात को ध्यान में रखते हुए भरमौर प्रशासन इस संदर्भ में जानकारी रखने वाले स्थानीय बुजुर्गों के साथ संपर्क साधे हुए है। फिलहाल ऐसा माना जा रहा है कि अबकी बार यह पवित्र मणिमहेश स्नान दो दिन तक चल सकता है।

ये भी पढ़ें: मंदिर की संपत्ति पर कब्जा करने वालों के खिलाफ क्या प्लान।

 

गौर हो कि यह पहला मौका नहीं है जब पवित्र स्नान को लेकर इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो लेकिन स्थानीय पुजारियों व चेलों के परामर्श के आधार पर भरमौर प्रशासन ने ऐसी स्थिति से कई बार पार पाया है। एसडीएम भरमौर असीम सूद का कहना है कि फिलहाल तो इस बारे में साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है लेकिन वीरवार तक इस पूरे मामले को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी।
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vinod Kumar

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Manimahesh पवित्र स्नान की तारीख को लेकर असमन्जस की स्थिति

Update Time : 08:00:56 am, Wednesday, 24 August 2022

संचूई के पुजारियों व चेलो ने स्नान का महूर्त बताया तो प्रशासन कल ही कुछ बताने की स्थिति में होगा

भरमौर, (ठाकुर ):  Manimahesh पवित्र स्नान की तारीख को लेकर असमन्जस की स्थिति बनी। इस स्थिति से पार पाने के लिए भरमौर प्रशासन ने संचूई के पुजारियों व चेलो से संपर्क साधा है। उम्मीद जताई जा रही है कि वीरवार तक इस संदर्भ में पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।

 

इस उहापोह की स्थिति की वजह से ही भरमौर प्रशासन अभी तक मणिमहेश के बड़े स्थान की निर्धारित तारीख यानी दिन को बताने की स्थिति में खुद को सहज नहीं पा रहा है। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि इस वर्ष दो जन्माष्टमी मनाई गई तो राधाष्टमी भी दो होंगी। इसी के चलते बड़े स्नान की तारिख को लेकर लोगों में भ्रम पैदा करने वाली स्थिति बनी हुई है।

 

भरमौर प्रशासन भी इस दुविधाजनक स्थिति से पार पाने के लिए सचूई के पुजारियों व चेलो के साथ संपर्क साधे हुए है। इस बात की पुष्टि एसडीएम भरमौर व मेला अधिकारी भरमौर असीम सूद ने की है। उन्होंने बताया कि सचूई के चेले व पुजारी इस बारे में जो जानकारी देंगे उनके अनुरूप ही स्नान का दिन अधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा।
पुजारियों व चेलो द्वारा जो जानकारी मुहैया करवाई जाएगी उसके अनुरूप स्नान की तिथि को लेकर अधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की जाएगी। सूत्रों की माने तो संचूई के पुजारियों व चेले 2 सितंबर की दोपहर 2 बजे वे पवित्र डल में प्रवेश करके उसे पार करेंगे जिसके साथ ही यह पवित्र स्नान शुरू हो जाएगा जो कि अगले दिन के दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा।

इस पूरी धार्मिक परंपरा को लेकर असमंजस की स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि अक्सर इस मणिमहेश यात्रा को कृष्ण जन्माष्टमी से लेकर राधा अष्टमी तक शुभ माना जाता है लेकिन चूंकि इस बार राधा अष्टमी 3 व 4 सितम्बर को आ रही है।

 

ये भी पढ़ें: मणिमहेश छड़ी कहां-कहां रुकेगी श्रीमहंत ने बताया।

 

इस बात को ध्यान में रखते हुए भरमौर प्रशासन इस संदर्भ में जानकारी रखने वाले स्थानीय बुजुर्गों के साथ संपर्क साधे हुए है। फिलहाल ऐसा माना जा रहा है कि अबकी बार यह पवित्र मणिमहेश स्नान दो दिन तक चल सकता है।

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गौर हो कि यह पहला मौका नहीं है जब पवित्र स्नान को लेकर इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो लेकिन स्थानीय पुजारियों व चेलों के परामर्श के आधार पर भरमौर प्रशासन ने ऐसी स्थिति से कई बार पार पाया है। एसडीएम भरमौर असीम सूद का कहना है कि फिलहाल तो इस बारे में साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है लेकिन वीरवार तक इस पूरे मामले को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी।