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जज्बे को सलाम- एक वर्ष से बिना छुट्टी लिए कोविड सैंपल लेने में जुटी है डा.शैलजा

हर दिन पांच से छह घंटे तक पी.पी.ई.कीट में रहती है तो साथ ही कई बार खुद हो चुकी है संक्रमित
चम्बा, 13 मई (रेखा): जब से कोविड ने जिला चम्बा में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई है तब से इससे लोगों को सुरक्षित रखने के लिए डा.शैलजा सूर्या लगातार सैंपल लेने के कार्य में जुटी हुई है। यही वजह है कि बीते एक वर्ष से वह एक दिन भी दिन छुट्टी पर नहीं रही है। अपने कार्य को अंजाम देते हुए वह कई बार खुद कोविड संक्रमित हो चुकी है लेकिन हर बार ठीक होने के बाद फिर से पूरी लग्न, मेहनत व जोश के इस जिम्मेवारी को निभाने में जुट जाती है। जिला चम्बा की रहने वाली डा. शैलजा सूर्या अब तक हजारों लोगों की कोविड जांच के लिए टैस्ट प्रक्रिया को अंजाम दे चुकी है। हर दिन वह पांच से छह घंटे तक पी.पी.ई.कीट में रहती है और गर्मी के इस मौसम में वह इस समयावधि के दौरान पानी तक नहीं पीती है। इस कड़े दौरे से गुजरते हुए डा.शैलजा से इस बारे में बात की तो उनका कहना था कि अगर इन तमाम मुश्किलातों से घबरा कर हम लेाग (डाक्टर) ही घर में बैठ जाएंगे तो फिर लोगों के जीवन को कैसे बचाया जा सकता है। कुमारी शैलजा सूर्या के पिता भी चिकित्सक थे इसलिए चिकित्सक को किन जिम्मेवारियों के किस प्रकार की परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए इस बात को वह भलीभांति जानती है। डा.सैलजा का कहना है कि शुरू में तो वह हर दिन लिए जाने वाले सैंपलों की गिनती करती रही लेकिन हजारों की संख्या में पहुंचने पर उसने गिनती करनी छोड़ दी। उसका कहना है कि जब तक लोग अपनी नैतिक जिम्मेवारी को कोविड प्रोटोकोल को रूप में पूरी तरह से अमल में लाने की रूप में नहीं निभाते हैं तब तक समाज पर यह खतरा बना रहेगा।
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vinod Kumar

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जज्बे को सलाम- एक वर्ष से बिना छुट्टी लिए कोविड सैंपल लेने में जुटी है डा.शैलजा

Update Time : 05:12:39 am, Thursday, 13 May 2021
हर दिन पांच से छह घंटे तक पी.पी.ई.कीट में रहती है तो साथ ही कई बार खुद हो चुकी है संक्रमित
चम्बा, 13 मई (रेखा): जब से कोविड ने जिला चम्बा में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई है तब से इससे लोगों को सुरक्षित रखने के लिए डा.शैलजा सूर्या लगातार सैंपल लेने के कार्य में जुटी हुई है। यही वजह है कि बीते एक वर्ष से वह एक दिन भी दिन छुट्टी पर नहीं रही है। अपने कार्य को अंजाम देते हुए वह कई बार खुद कोविड संक्रमित हो चुकी है लेकिन हर बार ठीक होने के बाद फिर से पूरी लग्न, मेहनत व जोश के इस जिम्मेवारी को निभाने में जुट जाती है। जिला चम्बा की रहने वाली डा. शैलजा सूर्या अब तक हजारों लोगों की कोविड जांच के लिए टैस्ट प्रक्रिया को अंजाम दे चुकी है। हर दिन वह पांच से छह घंटे तक पी.पी.ई.कीट में रहती है और गर्मी के इस मौसम में वह इस समयावधि के दौरान पानी तक नहीं पीती है। इस कड़े दौरे से गुजरते हुए डा.शैलजा से इस बारे में बात की तो उनका कहना था कि अगर इन तमाम मुश्किलातों से घबरा कर हम लेाग (डाक्टर) ही घर में बैठ जाएंगे तो फिर लोगों के जीवन को कैसे बचाया जा सकता है। कुमारी शैलजा सूर्या के पिता भी चिकित्सक थे इसलिए चिकित्सक को किन जिम्मेवारियों के किस प्रकार की परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए इस बात को वह भलीभांति जानती है। डा.सैलजा का कहना है कि शुरू में तो वह हर दिन लिए जाने वाले सैंपलों की गिनती करती रही लेकिन हजारों की संख्या में पहुंचने पर उसने गिनती करनी छोड़ दी। उसका कहना है कि जब तक लोग अपनी नैतिक जिम्मेवारी को कोविड प्रोटोकोल को रूप में पूरी तरह से अमल में लाने की रूप में नहीं निभाते हैं तब तक समाज पर यह खतरा बना रहेगा।