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लाहौल स्पीति व कुल्लू बर्फ की आगोश में।

मंगलवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों का मौसम खराब रहा। जिला चंबा के जनजाति क्षेत्रों सहित यार जनजाति क्षेत्रों के ऊंचे क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ तो वहीं निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। इसी तरह से प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति व कुल्लू जिला ऊंचे क्षेत्रों में भी 3 से 4 इंच तक ताजा हिमपात दर्ज हुआ। मौसम के इस मिजाज से समूचा हिमाचल कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में भी हिमाचल वासियों को कड़ाके की ठंड का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हिमाचल में बर्फबारी होने से आने वाले दिनों में पर्यटक यहां का रुख करने में रुचि दिखाएंगे जिससे ठंडा पड़ा पर्यटन व्यवसाय फिर से चमकेगा।मौसम के इस मिजाज से किसानों व बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। सेब की अच्छी फसल के लिए बर्फबारी का होना बेहतर माना जाता है। बर्फ गिरने से सेब के पौधों को पर्याप्त मात्रा में चिलिंग आवाज प्राप्त हो जाते हैं जिस वजह से नए सीजन में सेब की अच्छी फसल होती है।
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vinod Kumar

Dalhousie Political News: डल्हौजी नगर परिषद पर पहली बार सिटीजन फोरम का कब्जा

लाहौल स्पीति व कुल्लू बर्फ की आगोश में।

Update Time : 03:39:59 am, Thursday, 10 December 2020
मंगलवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों का मौसम खराब रहा। जिला चंबा के जनजाति क्षेत्रों सहित यार जनजाति क्षेत्रों के ऊंचे क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ तो वहीं निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। इसी तरह से प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति व कुल्लू जिला ऊंचे क्षेत्रों में भी 3 से 4 इंच तक ताजा हिमपात दर्ज हुआ। मौसम के इस मिजाज से समूचा हिमाचल कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में भी हिमाचल वासियों को कड़ाके की ठंड का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हिमाचल में बर्फबारी होने से आने वाले दिनों में पर्यटक यहां का रुख करने में रुचि दिखाएंगे जिससे ठंडा पड़ा पर्यटन व्यवसाय फिर से चमकेगा।मौसम के इस मिजाज से किसानों व बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। सेब की अच्छी फसल के लिए बर्फबारी का होना बेहतर माना जाता है। बर्फ गिरने से सेब के पौधों को पर्याप्त मात्रा में चिलिंग आवाज प्राप्त हो जाते हैं जिस वजह से नए सीजन में सेब की अच्छी फसल होती है।