जिला चंबा में कांग्रेस पार्टी की Chamba Congress Internal Rift एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी के पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में पार्टी की कथित एकजुटता के दावे कमजोर नजर आए।
जिला मुख्यालय में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में युवा कार्यकर्ताओं और पूर्व पदाधिकारियों की अच्छी-खासी मौजूदगी रही, लेकिन जिला चंबा के पांचों विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस का कोई भी वरिष्ठ नेता मंच पर नजर नहीं आया। वरिष्ठ नेताओं की इस गैरहाजिरी ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कांग्रेस पार्टी हाईकमान के निर्देश पर अमल होगा: सुरजीत
अपने संबोधन में सुरजीत भरमौरी ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी अब “रेस्ट हाउस की चारदीवारी” तक सीमित नहीं रहेगी और जिला चंबा में वही होगा जो दिल्ली से कांग्रेस पार्टी हाईकमान के निर्देश आएंगे। इस बयान को संगठन में अनुशासन और केंद्रीय नेतृत्व की मजबूत पकड़ के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, मंच की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयान कर रही थी। वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति से कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं को यह स्वीकार करना पड़ा कि मौजूदा हालात में पार्टी को एकजुट करना आसान नहीं होगा।

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भावुक होते हुए सुरजीत भरमौरी ने कहा कि वह MNREGA job card धारक पिता की बेटी हैं और राहुल गांधी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आम कार्यकर्ता की आवाज बनेंगी और किसी भी तरह की नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम में APMC Chairman ललित ठाकुर, चुराह कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना, युवा कांग्रेस अध्यक्ष शुभान सिंह पठानिया सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बैनर बने चर्चा का विषय
कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनरों में जिन वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें थीं, वे सभी कार्यक्रम से नदारद रहे। इससे कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि कहीं congress high command के फैसले से वरिष्ठ नेता नाराज तो नहीं हैं। कुल मिलाकर, सुरजीत भरमौरी की ताजपोशी से जहां नई शुरुआत के संकेत मिले हैं, वहीं Chamba Congress Internal Rift ने संगठन की एकजुटता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
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