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1:01 am, Tuesday, 10 March 2026
लापरवाही पर विभाग सख्त कदम उठाने जा रहा

Chamba Biomedical Waste Issue: नियम तोड़ने वाले क्लीनिक-लैब पर स्वास्थ्य विभाग सख्त

  • vinod kumar
  • Update Time : 06:27:52 pm, Saturday, 7 March 2026
  • 360

CMO Chamba Dr. Jalam Bhardwaj giving important information

Chamba Biomedical Waste Issue

चंबा, 7 मार्च ( विनोद) हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला में कई निजी अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 (Biomedical Waste Management Rules 2016) की अनदेखी कर रहे हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषण और जन स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

Biomedical Waste Rules Violation

मिली जानकारी के अनुसार जिले के कई स्वास्थ्य संस्थान medical waste का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं कर रहे, जिसके कारण बायो-मेडिकल वेस्ट की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग चंबा अब ऐसे निजी क्लीनिकों, दवा विक्रेताओं और प्रयोगशालाओं पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है जो मेडिकल कचरे को खुले में फेंक रहे हैं।

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नदी-नालों में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा

Chamba Biomedical Waste Issue के बीच सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई है कि जिले की कुछ निजी लैब और क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी से बचते हुए बायो-मेडिकल वेस्ट को नदी-नालों में ठिकाने लगा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इससे पानी में खतरनाक रसायन और मेडिकल सैंपल घुलने का खतरा, संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका और पर्यावरण प्रदूषण में बढ़ोतरी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

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ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक

सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की स्थिति और भी खराब है। यहां कुछ दवा दुकानों और निजी प्रयोगशालाओं से निकलने वाले मेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। उधर जिले में निजी अस्पतालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि कुछ अस्पतालों ने बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन सिस्टम लागू किया है, लेकिन कई जगह यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित बताई जा रही है।

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Health Department Strict

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) चंबा डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि Chamba Biomedical Waste Issue को लेकर विभाग को इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर और सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निजी क्लीनिकों और दवा दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट हर महीने विभागीय बैठक में पेश की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की

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Update Time : 06:27:52 pm, Saturday, 7 March 2026

Chamba Biomedical Waste Issue

चंबा, 7 मार्च ( विनोद) हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला में कई निजी अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 (Biomedical Waste Management Rules 2016) की अनदेखी कर रहे हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषण और जन स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

Biomedical Waste Rules Violation

मिली जानकारी के अनुसार जिले के कई स्वास्थ्य संस्थान medical waste का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं कर रहे, जिसके कारण बायो-मेडिकल वेस्ट की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग चंबा अब ऐसे निजी क्लीनिकों, दवा विक्रेताओं और प्रयोगशालाओं पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है जो मेडिकल कचरे को खुले में फेंक रहे हैं।

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नदी-नालों में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा

Chamba Biomedical Waste Issue के बीच सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई है कि जिले की कुछ निजी लैब और क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी से बचते हुए बायो-मेडिकल वेस्ट को नदी-नालों में ठिकाने लगा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इससे पानी में खतरनाक रसायन और मेडिकल सैंपल घुलने का खतरा, संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका और पर्यावरण प्रदूषण में बढ़ोतरी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

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ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक

सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की स्थिति और भी खराब है। यहां कुछ दवा दुकानों और निजी प्रयोगशालाओं से निकलने वाले मेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। उधर जिले में निजी अस्पतालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि कुछ अस्पतालों ने बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन सिस्टम लागू किया है, लेकिन कई जगह यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित बताई जा रही है।

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Health Department Strict

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) चंबा डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि Chamba Biomedical Waste Issue को लेकर विभाग को इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर और सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निजी क्लीनिकों और दवा दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट हर महीने विभागीय बैठक में पेश की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की