Bharmour Temple Fire ने भरमौर के गिरड़ गांव में आस्था को झकझोर कर रख दिया, जब सैकड़ों साल पुराना गिरड़ माता मंदिर भीषण आग में जलकर राख हो गया। इस विनाशकारी हादसे में प्राचीन देवी-देवताओं की प्रतिमाएं नष्ट हो गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और पीड़ा का माहौल है।
चंबा,( विनोद ): जिला चंबा के जनजातीय विधानसभा क्षेत्र भरमौर की दूरस्थ ग्राम पंचायत खुंदेल के गिरड़ गांव में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना गिरड़ माता मंदिर शुक्रवार को भीषण आग की भेंट चढ़ गया। इस हृदयविदारक हादसे में लकड़ी से निर्मित यह ऐतिहासिक और आस्था का प्रतीक मंदिर पूरी तरह जलकर राख हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मंदिर परिसर से अचानक घना धुआं उठता दिखाई दिया। अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीण तुरंत मंदिर की ओर दौड़े। गांव से लगभग आधा किलोमीटर पैदल दूरी तय कर जब लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि पूरी तरह लकड़ी से बना प्राचीन मंदिर आग की लपटों में घिर चुका था।
ग्रामीणों ने जान की परवाह किए बिना अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सूखी लकड़ी का ढांचा होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते यह अमूल्य धरोहर और सदियों पुरानी आस्था का केंद्र पूरी तरह खाक में तब्दील हो गया।

आग में नष्ट हुईं आस्था की अमूल्य प्रतिमाएं
इस दर्दनाक घटना में मंदिर के गर्भगृह में स्थापित करीब चार फुट ऊंची कोटा स्टोन से बनी मां काली की प्रतिमा, पीतल से निर्मित दो देवी प्रतिमाएं, तथा भगवान लक्ष्मी नारायण की प्रतिमा पूरी तरह नष्ट हो गईं। यह समाचार सुनते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और गांव में मातम छा गया।

आग लगने के कारणों पर संशय
खुंदेल पंचायत के पूर्व प्रधान रतन ने बताया कि गिरड़ माता मंदिर लगभग 200 से 300 वर्ष पुराना था और गांव के लोगों की गहरी श्रद्धा और विश्वास का केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि इन दिनों मंदिर के कपाट बंद थे, जिन्हें बैसाखी पर्व पर खोला जाना था।

ऐसे में मंदिर के भीतर किसी भी तरह की पूजा-अर्चना नहीं हो रही थी।
आग लगने के कारणों को लेकर अभी तक पुख्ता खुलासा नहीं हो पाया है, हालांकि आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा मानवीय लापरवाही के कारण हुआ हो सकता है।
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नया मंदिर बनेगा, आस्था फिर होगी स्थापित – डॉ. जनकराज
भरमौर विधायक डॉ. जनकराज ने इस दुखद अग्निकांड पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गिरड़ माता मंदिर केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक था। इस घटना से क्षेत्रवासियों की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। 
उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थानीय लोगों के सहयोग से इसी पवित्र स्थल पर नया मंदिर निर्माण किया जाएगा और देवी-देवताओं की नई प्रतिमाएं विधिवत रूप से स्थापित की जाएंगी।

Vinod Kumar 








