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फास्ट ट्रैक कोर्ट का कड़ा फैसला

Himachal Solan POCSO Case में कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग दुष्कर्म केस में 20 साल की सजा

  • vinod kumar
  • Update Time : 08:26:34 am, Tuesday, 31 March 2026
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Himachal Solan POCSO Case: नाबालिग से दुष्कर्म पर 20 साल की सख्त सजा, बड़ा फैसला। हिमाचल प्रदेश के सोलन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक गंभीर मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ा संदेश दिया है। अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

चंबा, ( विनोद) : Himachal Solan POCSO Case के दोषी की पहचान आसिफ अंसारी, पुत्र मुन्ना, निवासी ग्राम फुलत, डाकघर खतौली, थाना रतनपुरी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो पीड़िता का पड़ोसी था। अदालत ने साफ किया कि यह अपराध बेहद गंभीर और समाज के लिए खतरा है, इसलिए कड़ी सजा जरूरी है।

कैसे दिया वारदात को अंजाम?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2021 में घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और सोलन में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी। इसी Himachal Solan POCSO Case में आरोपी, जो पास ही रहता था, ने पहले पीड़िता से बातचीत शुरू की और फिर शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ चंडीगढ़ और सहारनपुर ले गया, जहां उसने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

इन धाराओं में हुई सजा
अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6, भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 376 के तहत दोषी पाया। पॉक्सों एक्ट धारा 6 की बात करे तो इसके तहत दोषी पाए जाने पर 20 साल का कठोर कारावास + 20,000 रुपये जुर्माना का प्रावधान मौजूद है। धारा 363 के तहत 5 साल का कठोर कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना तथा धारा 366 के तहत 5 साल का कठोर कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है। तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 2 साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

ये भी पढ़ें: हिमाचल के चंबा का राजनैतिक कद बढ़ा।

मजबूत पैरवी
इस मामले की पैरवी सरकारी वकील पृथ्वी सिंह नेगी ने की। महिला पुलिस थाना सोलन( Solan Women Police Station ) में दर्ज इस केस की गहन जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

समाज के लिए कड़ा संदेश
यह फैसला साफ संकेत देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। Himachal Solan POCSO Case में अदालत का यह सख्त रुख न्याय व्यवस्था की मजबूती और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

ये भी पढ़ें: डल्हौजी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

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Himachal Solan POCSO Case में कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग दुष्कर्म केस में 20 साल की सजा

Update Time : 08:26:34 am, Tuesday, 31 March 2026

Himachal Solan POCSO Case: नाबालिग से दुष्कर्म पर 20 साल की सख्त सजा, बड़ा फैसला। हिमाचल प्रदेश के सोलन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक गंभीर मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ा संदेश दिया है। अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

चंबा, ( विनोद) : Himachal Solan POCSO Case के दोषी की पहचान आसिफ अंसारी, पुत्र मुन्ना, निवासी ग्राम फुलत, डाकघर खतौली, थाना रतनपुरी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो पीड़िता का पड़ोसी था। अदालत ने साफ किया कि यह अपराध बेहद गंभीर और समाज के लिए खतरा है, इसलिए कड़ी सजा जरूरी है।

कैसे दिया वारदात को अंजाम?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2021 में घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और सोलन में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी। इसी Himachal Solan POCSO Case में आरोपी, जो पास ही रहता था, ने पहले पीड़िता से बातचीत शुरू की और फिर शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ चंडीगढ़ और सहारनपुर ले गया, जहां उसने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

इन धाराओं में हुई सजा
अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6, भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 376 के तहत दोषी पाया। पॉक्सों एक्ट धारा 6 की बात करे तो इसके तहत दोषी पाए जाने पर 20 साल का कठोर कारावास + 20,000 रुपये जुर्माना का प्रावधान मौजूद है। धारा 363 के तहत 5 साल का कठोर कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना तथा धारा 366 के तहत 5 साल का कठोर कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है। तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 2 साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

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मजबूत पैरवी
इस मामले की पैरवी सरकारी वकील पृथ्वी सिंह नेगी ने की। महिला पुलिस थाना सोलन( Solan Women Police Station ) में दर्ज इस केस की गहन जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

समाज के लिए कड़ा संदेश
यह फैसला साफ संकेत देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। Himachal Solan POCSO Case में अदालत का यह सख्त रुख न्याय व्यवस्था की मजबूती और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

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