Pangi Valley Blackout
किलाड़ (पांगी)( विनोद कुमार): जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी इन दिनों भीषण ठंड के साथ-साथ गंभीर बिजली संकट से जूझ रही है। शनिवार को साच पावर हाउस पर हुए भारी भूस्खलन और हिमखंड गिरने (Avalanche) के कारण बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरी घाटी को अंधेरे में डुबो दिया है, जिससे स्थानीय जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

साच पावर हाउस को भारी नुकसान
शनिवार को साच पावर हाउस पर कुदरत की मार पड़ने से वहां बिजली उत्पादन ठप पड़ गया है। जिस वजह से रविवार को भी घाटी में बिजली बहाल नहीं हो पाई। हालांकि रविवार को धूप खिलने से दिन के समय तापमान में मामूली सुधार हुआ, लेकिन रात होते ही बिना बिजली और हीटिंग के लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। बिजली बोर्ड की रिपोर्ट अनुसार साच पावर हाउस की कुल क्षमता 2×450 किलोवाट है। भूस्खलन के कारण Sach Power House के स्ट्रक्चर और मशीनरी को बड़ा नुकसान पहुँचा है। मरम्मत और बहाली में कम से कम 10 से 12 दिन का समय लगने का अनुमान है।

प्रशासन का पक्ष: बहाली में मौसम बना बाधा
बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता सुनील चंदेल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि विभाग की टीमें मौके पर डटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि दुर्गम क्षेत्र और खराब मौसम के कारण मरम्मत कार्य में चुनौतियां आ रही हैं। साच पावर हाउस को दोबारा चालू करने में लगभग 12 दिन लगेंगे। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। जनता से सहयोग और धैर्य की अपील है।

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पांगी में जनजीवन प्रभावित
Pangi Valley Blackout के कारण पांगी घाटी के हालात बेहद कठिन हो गए हैं। घाटी के निवासियों भानु सिंह, करतार ठाकुर, भाग चंद, रवि और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सर्दियों के इस मौसम में पांगी न सिर्फ अंधेरे में डूबी है, बल्कि कड़ाके की ठंड में बिना इलेक्ट्रिक हीटर के घरों के भीतर तापमान बनाए रखना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि दैनिक कार्य करे अंजाम देने में दिक्कतें पेश आ रही। वहीं संचार के इस दौर में मोबाइल फोन चार्ज न हो पाने के कारण लोगों को अपने परिजनों से संपर्क करने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

आगामी चुनौती: भारी बारिश का अलर्ट
Pangi Valley Blackout ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है, जिससे हालात और बिगड़ने के आसार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम और खराब होता है, तो साच पावर हाउस के मरम्मत कार्य में भारी बाधा आएगी और बिजली बहाली में और भी देरी हो सकती है। ऐसे में पांगी घाटी के लोगों के लिए आने वाले दो हफ्ते बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। बिजली बोर्ड Pangi Valley Power Crisis को जल्द से जल्द समाप्त करने की दिशा में प्रयासरत है।


vinod kumar 









